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कोरोना वायरस का प्रकोप | Novel Coronavirus

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Mar 12, 2020
कोरोना वायरस का प्रकोप | corona virus
कोरोना वायरस का प्रकोप

कोरोना वायरस का प्रकोप अब भी जारी है, और इसी के चलते विश्व स्वास्थ्य संगठन ( W H O ) ने इसे एक महामारी घोषित कर दिया है, और इस वायरस को इसका एक नाम भी मिल गया है ‘ कोविड 19 ‘

कोरोना वायरस की शुरुआत कैसे हुई –

2019 दिसंबर के शुरुआत में चीन के वुहान की सी – फूड मार्केट के आसपास रहने वाले कई लोग बीमार पड़ने शुरू हो गए। इन लोगों को बुखार की शिकायत थी। टेस्ट के लिए इनके सैंपल लैब भेजे गए। जिसके बाद यह सैंपल वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरलॉजी नेशनल बायोसेफ्टी लैब के पास पहुंच, यहां वैज्ञानिक के माइक्रोस्कोप जोगनी दिखा रहे थे वह आने वाले जानलेवा ग्लोबल खतरे का संकेत था मगर चीनी अधिकारियों ने डॉक्टर और वैज्ञानिकों को अफरा-तफरी के माहौल और बदनामी से बचने के लिए खामोश करा दिया।

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डॉक्टर ली वेनलियांग के अस्पताल में स्थानीय सी-फूड मार्केट से करीब 7 मरीज पहुंचे थे, यह वही डॉक्टर ली वेनलियांग थे जिन्होंने दुनिया को पहली बार इस जानलेवा वायरस से आगाह किया था। इन मरीजों के लक्षण देखकर ही डॉक्टर ली समझ में आ गया था कि यह सभी किसी अनजान खतरनाक वायरस के शिकार हो गए हैं।

उन्होंने फौरन इस बीमारी के बारे में अपने साथी डॉक्टरों को आगाह किया और इस वायरस के बारे में अपनी रिपोर्ट दी, इतना ही नहीं उन्होंने इस बारे में वीचैट पर अपने मेडिकल कॉलेज के एलुमनी ग्रुप में भी इसकी जानकारी सबको दी, और अपने जानकारों, दोस्तों, रिश्तेदारों को भी इस बारे में अलर्ट करने को कहा लेकिन कुछ ही देर में उनके मैसेज का स्क्रीनशॉट वायरल हो गया था।

जनवरी आते-आते यह वायरस चीन में अपने पैर पसार चुका था लेकिन चीन फिर भी इस जानलेवा बीमारी को दुनिया से छुपाने में लगा रहा।

चीनी नया साल आने के बाद तक भी चीन ने इस जानलेवा वायरस की खबर को सामने नहीं आने दिया लेकिन अंदर ही अंदर वहान के इंस्टीट्यूट आफ वायरोलॉजी नेशनल बायोसेफ्टी लैब में इसकी जांच चलने लगी।
इस लैब में पहले से ही पिछले कई सालों से चमगादड़ों से फैलने वाली बीमारियों पर रिसर्च चल रही थी, यह रिसर्च इसलिए थी क्योंकि ना सिर्फ वुहान और आसपास के इलाकों में चमगादड़ों की तादाद ज्यादा है बल्कि यहां चमगादड़ और दूसरे तमाम जानवरों का मांस खाने और सूप पीने का चलन भी जोरों पर था, और अब तक की जांच में यह तो साफ हो रहा था कि हो ना हो यह जानलेवा वायरस इन्हीं चमगादड़ से ही फैला है।
चाइनीज सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन की स्टडी के डाटा भी इसी तरफ इशारा कर रहे थे।

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डॉक्टर ली वेनलियांग इस दौरान लगातार अपने डॉक्टर साथियों और लोगों को इस जानलेवा वायरस से ना सिर्फ अलर्ट कर रहे थे बल्कि पीड़ितों को आइसोलेशन वार्ड में रखकर अपने तौर पर इनका इलाज भी कर रहे थे। इसी बीच ये खबरें चीन से निकलकर दुनिया तक पहुंचने लगी चीन ने भी अब तक मान लिया था कि उसके देश को कोरोना नाम की एक महामारी ने जकड़ लिया है।

वहीं दूसरी तरफ चीनी सरकार ने 34 साल के डॉक्टर ली के वायरल हो चुके कोरोनावयरस से आगाह करने वाले मैसेज का संज्ञान लेते हुए नोटिस भेजकर जवाब मांगा और उन पर अफवाह फैलाने का आरोप लगा दिया। जिसके कारण डॉ. ली लिखित में माफी मांगनी पड़ी थी।
लेकिन तब तक वुहान और उसके आसपास के इलाकों के साथ-साथ पूरा चीन इस जानलेवा बीमारी की चपेट में आ चुका था, और इससे होने वाली मौतों का आंकड़ा निरंतर बढ़ता जा रहा था।

इस बीच अचानक खबर आई की कोरोनावायरस के बारे में सबसे पहले जानकारी देने वाले डॉक्टर ली की मौत हो गई, बताया गया कि डॉक्टर ली 12 जनवरी से अस्पताल में भर्ती थे और 30 जनवरी को पता चला कि वह कोरोना वायरस की चपेट में आ चुके हैं। चीन ने कहा कि उन्हें बचाने की कोशिश हुई लेकिन बचाया नहीं जा सका। वुहान सेंट्रल हॉस्पिटल ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि डॉ ली की मौत 7 फरवरी की रात करीब 2:58 पर हुई बताया गया कि उन्हें कफ और बुखार था हालांकि विपक्षी गुटों का यह मानना था कि चीन ने उन्हें इस महामारी का खुलासा करने की सजा दी है।

दुनिया भर में कोरोना का खौफ –

1- दुनिया भर में कोरोना से 1,72,500 से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं।

2- ईरान में अब तक 5297 लोगों की मौत हो चुकी है।

3- चीन में कोरोना के कहर से मरने वालों की संख्या 4632 के पार पहुंच गई है।

4- 183 से ज्यादा देश इसकी चपेट में आ चुके हैं और 25,17,200 से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं।

5- अमेरिका में भी तेजी से कोरोना के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है अमेरिका में अब तक 7,95,000 मरीजों की पुष्टि हो चुकी है और इनमें से 42,600 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।

न्यूयॉर्क राज्य में सबसे ज्यादा 50,000 मरीज पाए गए हैं। न्यूयॉर्क के न्यू रोशल शहर को 2 हफ्ते के लिए बंद कर दिया गया है। उसमें ना कोई आ सकता है, ना ही उस शहर से कोई बाहर जा सकता है।

न्यूयॉर्क के गवर्नर एंड्रयू कूमो ने कहा है कि दो हफ्तों तक नेशनल गार्ड के जवान ही न्यू रोशन शहर में घरों तक खाना और जरूरी चीजें पहुंचाएंगे, और शहर के सार्वजनिक स्थानों की सफाई भी नेशनल गार्ड के जवान ही करेंगे।

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भारत में कोरोना को हराना है –

भारत में भी कोरोना से संक्रमित मरीजों की संख्या  19984 हो गई है। और इससे होने वाली मौत का आंकड़ा 640 तक पहुँच गया है, तो वहीँ 3870 लोग ठीक भी हुए हैं !

 लेकिन भारत में थोड़ी राहत की बात यह है कि भारत में अभी तक केवल एक मौत हुई है।
केंद्र सरकार इसको लेकर सतर्क नजर आ रही है और इसी के चलते सरकार ने अलर्ट जारी कर इटली, ईरान, दक्षिण कोरिया, जापान, चीन, फ्रांस, जर्मनी और स्पेन के मौजूदा वीजा और ई-वीजा पर 15 अप्रैल तक के लिए रोक लगा दी है।

इसके अलावा एक एडवाइजरी जारी कर कहा है कि जो भी आदमी चीन, हांगकांग, रिपब्लिक ऑफ कोरिया, थाईलैंड, जापान, जर्मनी, फ्रांस, चीन, इटली, सिंगापुर, ईरान, मलेशिया और स्पेन की यात्रा करके आए हैं उन यात्रियों को self-imposed टाइम में खुद को 14 दिन तक निगरानी में रखना चाहिए।

कोराना ना फैले इसके लिए दिल्ली और आसपास के स्कूल कॉलेज 31 मार्च तक बंद करने के आदेश दिए गए हैं।
केरल में भी सभी स्कूल कॉलेज और सिनेमा हॉल 31 मार्च तक बंद रहेंगे।
जम्मू कश्मीर और लद्दाख में भी सभी स्कूल कॉलेज और सिनेमा हॉल 31 मार्च तक बंद रहेंगे।

केरल में सभी मंदिरों को उत्सव व त्यौहार आदि न मनाने और श्रद्धालुओं को मंदिर में ना जाने की अपील भी सरकार की तरफ से की गई है।

केंद्र सरकार पूरी तरह से कोरोना पर नजर बनाए हुए है। शहर के सभी प्रमुख अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड और रूम बनाए गए हैं।
साथ ही देश के नागरिकों से अपील की गई है, कि कोरोना के लिए जारी की गई गाइडलाइन का पालन करके ही कोरोनावायरस को हराया जा सकता है अतः सभी इस बात का ध्यान रखें।
इसके साथ ही कोरोनावायरस पर स्वास्थ्य मंत्रालय के कंट्रोल रूम का नंबर जारी किया गया है –
011-23978046 या आप ncov2019@gmail.com पर भी मेल करके जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
कोरोनावायरस पर चीन में भारतीयों की मदद के लिए भारतीय दूतावास के हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं।
+8618612083629
+8618612083617
+8618610952903

कोरोना से कैसे बचें –

मास्क किसे पहनना चाहिए किसे नहीं –

1- अगर आप स्वस्थ हैं तो आपको मास्क पहनने की कोई जरूरत नहीं है।
2- अगर आप कोविड 19 से संक्रमित व्यक्ति की देखभाल कर रहे हैं तो आपके लिए मास्क पहनना अनिवार्य है।
3- जिन लोगों को बुखार, खांसी, जुखाम, कफ या सांस लेने में तकलीफ हो रही है, उन्हें मास्क जरूर पहनना चाहिए और तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए।

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मास्क पहनने का सही तरीका क्या है –

1- जब आप मास्क पहने हुए हैं तो यह ध्यान रखें कि उस पर सामने की तरफ आपका हाथ ना लगे।

2- अगर हाथ लग जाए तो तुरंत साबुन से अच्छी तरह हाथों को धोएं या सैनिटाइजर से हाथों को साफ करें।

3- रोजाना मास्क बदलते रहें और अगर आप कैपेबल हैं तो हर 5 से 6 घंटे बाद मास्क बदल दें।

4- मास्क ऐसे पहने जिससे कि आपका आधे से ज्यादा चेहरा ढ़क जाए जैसे कि नाक मुंह और दाढ़ी का हिस्सा।

5- मास्क उतारते समय इस बात का खास ध्यान रखें कि आपका हाथ उसके सामने की तरफ ना लगे। मास्क को उसकी लास्टिक या फीता पकड़कर उतारना चाहिए।

अन्य सावधानियां –

1- अगर आप संक्रमित जगह से यात्रा करके आए हैं तो कम से कम अपने आप को 14 दिनों तक अलग रखें, अलग कमरे में रहें और अपना निरीक्षण करते रहे।

2- रिश्तेदारों को घर पर बुलाने से बचें और ना ही खुद उनके वहां पर जाएं।

3- घर में कॉमन प्रयोग में आने वाली चीजों जैसे- बाथरूम और रसोई की सफाई का विशेष ध्यान रखें।

4- सार्वजनिक स्थानों पर चीजों को छूने से बचें।

5- जब तक बहुत ज्यादा जरूरी ना हो सार्वजनिक स्थानों पर ना जाएं ट्रेन, बस आदि में यात्रा ना करें।

6- जब तक संभव हो घर पर ही रहें और अपने आसपास सफाई का विशेष ध्यान रखें।

7- बार-बार चेहरे को आंखों को हाथ लगाने का परहेज करें।

8- अगर हाथ लग जाए तो तुरंत साबुन से हाथों को धोएं और चेहरे को भी साफ करें।

दोस्तों कोरोनावायरस के बारे में हमारा यह ब्लॉग आपको कैसा लगा नीचे कमेंट करके जरूर बताएं पसंद आया हो तो शेयर करें। अपने दोस्तों और परिचितों के साथ इस जानकारी को शेयर करें और उनको भी इस बीमारी के प्रति जागरूक करें।

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